उत्तराखंड की राजधानी ने तीन वर्षों में 41वें पायदान से 12वें स्थान तक का सफर किया तय, सीएम धामी ने दी बधाई
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने पर्यावरण और वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की रैंकिंग में देहरादून ने लंबी छलांग लगाते हुए देशभर में 12वां स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग 3 से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में जारी की गई है।
तीन सालों में रैंकिंग में लगातार सुधार
देहरादून ने पिछले तीन वर्षों के दौरान अपनी वायु गुणवत्ता में लगातार बेहतरीन सुधार दर्ज किया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- साल 2024: देहरादून इस श्रेणी में 41वें स्थान पर था।
- साल 2025: शहर ने रैंकिंग सुधारते हुए 19वां स्थान हासिल किया था।
- साल 2026: अब देहरादून देश में 12वें पायदान पर पहुंच गया है।
हवा की गुणवत्ता में आए इस सकारात्मक बदलाव का मुख्य श्रेय धूल नियंत्रण, वाहनों से होने वाले प्रदूषण की सख्त निगरानी, सड़कों की सफाई, पर्यावरण के प्रति जागरूकता अभियान और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों को जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई
देहरादून की इस बड़ी सफलता पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों, नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सभी संबंधित विभागों को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून का 12वें स्थान पर पहुंचना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। यह सफलता जनता की सक्रिय भागीदारी, नगर निगम के प्रयासों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लगातार निगरानी का नतीजा है। विकास के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
सतत प्रयासों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पर्यावरण संरक्षण और साफ हवा को सीधे जनस्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाए और इसके लिए वैज्ञानिक उपायों को लागू किया जाए। सरकार का उद्देश्य केवल प्रदूषण कम करना ही नहीं, बल्कि एक ऐसा मजबूत और टिकाऊ सिस्टम बनाना है जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।


