अदालत में व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला, यूजीसी नियमों के तहत होगी नए कुलपति की तैनाती
पंचकूला/देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति (वीसी) के पद से त्यागपत्र देंगे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को सूचित किया कि वह व्यक्तिगत कारणों से इस जिम्मेदारी को आगे नहीं संभाल सकते और आगामी तीन सप्ताह के भीतर इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद अदालत ने मामले का निस्तारण करते हुए हरियाणा सरकार को अगली व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट में नियुक्ति को दी गई थी चुनौती
अशोक कुमार की वीसी पद पर नियुक्ति को डॉ. देवेंद्र सिंह मोर और एक अन्य याचिकाकर्ता ने चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि यह नियुक्ति यूजीसी विनियम-2018 के मानकों के अनुकूल नहीं है। साथ ही कुलपति के वेतन निर्धारण से जुड़े सरकारी आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी। हालांकि, अशोक कुमार द्वारा पद छोड़ने के आश्वासन के बाद न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया।
अंतरिम व्यवस्था और नई नियुक्ति के निर्देश
अदालत ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया है कि इस्तीफा मिलने के एक सप्ताह के भीतर उसे स्वीकार किया जाए। त्यागपत्र के बाद जब तक नए कुलपति का चयन नहीं होता, तब तक विश्वविद्यालय के सबसे वरिष्ठ डीन को अंतरिम कुलपति की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के नए कुलपति की नियुक्ति यूजीसी के 2018 के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए की जाएगी। इसके लिए अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के डॉ. एस. मोहन बनाम सेक्रेटरी टू द चांसलर, पुडुचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी एवं अन्य मामले में दिए गए फैसले का संज्ञान लेने को कहा है। राज्य सरकार को त्यागपत्र स्वीकार करने से लेकर नए कुलपति की नियमित नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक संपन्न करने के निर्देश दिए गए हैं।
मार्च 2024 में संभाला था कुलपति का कार्यभार
उत्तराखंड के डीजीपी पद से नवंबर 2023 में सेवानिवृत्त होने के बाद अशोक कुमार ने मार्च 2024 में हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति का पद ग्रहण किया था। कोर्ट में उनके पक्ष की ओर से कहा गया कि वह परिवार को समय देना चाहते हैं, जिसके चलते उन्होंने यह निर्णय लिया है।
प्रशासनिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
हरियाणा के पानीपत से ताल्लुक रखने वाले अशोक कुमार ने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और थर्मल इंजीनियरिंग में एमटेक किया है। वह नवंबर 2020 से नवंबर 2023 तक उत्तराखंड के डीजीपी रहे। अपने पुलिस कार्यकाल के दौरान उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, सीआरपीएफ, बीएसएफ और संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी सेवाएं दीं। उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 2006 में पुलिस मेडल, 2013 में प्रेसिडेंट्स पुलिस मेडल और यूएन मेडल से नवाजा जा चुका है।



