प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात से 9.34 करोड़ किसानों के खातों में भेजे 18,690 करोड़, मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में किसान उत्सव दिवस पर गिनाईं उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने जारी की 24वीं किस्त, देशभर में 18,690 करोड़ का हस्तांतरण
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिये देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में कुल 18,690 करोड़ रुपये की राशि एक साथ पहुंचाई गई। इस केंद्रीय योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को सालाना 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में दिए जाते हैं।
उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसान लाभान्वित
इस राष्ट्रीय आयोजन का सीधा लाभ उत्तराखंड के 8 लाख 8 हजार से ज्यादा लाभार्थी किसानों को भी मिला। उनके खातों में सम्मान निधि के रूप में 161.96 करोड़ रुपये की धनराशि अंतरित की गई। यह रकम खेती-किसानी से जुड़ी तात्कालिक जरूरतों — बीज, खाद, कीटनाशक और श्रम लागत — को पूरा करने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने किसान उत्सव दिवस पर की शिरकत
देहरादून के हाथीबड़कला स्थित सर्वे ऑडिटोरियम में आयोजित ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने प्रदेश के सभी लाभार्थी किसानों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों को आर्थिक संबल देने की दिशा में केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।
लाभार्थियों की संख्या दोगुनी, 2019 से अब तक का सफर
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 2019 में जब योजना की पहली किस्त जारी हुई थी, तब उत्तराखंड में लगभग चार लाख किसान इससे जुड़े थे। आज यह आंकड़ा बढ़कर आठ लाख के पार पहुंच चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीधे बैंक खातों में राशि पहुंचने से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
किसान खाद्य सुरक्षा के प्रहरी, जवानों सरीखी भूमिका
धामी ने किसानों की तुलना सीमा पर तैनात जवानों से करते हुए कहा कि जैसे जवान देश की सुरक्षा करते हैं, वैसे ही किसान अपनी मेहनत से अन्न पैदा कर देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। किसान अर्थव्यवस्था और राष्ट्र की समृद्धि के आधारस्तंभ हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, जिसका मकसद कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है।
राज्य सरकार के प्रयास: मुफ्त सिंचाई, 200 करोड़ का बजट प्रावधान
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का ब्योरा देते हुए बताया कि किसानों को राहत देने के लिए नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क कर दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रदेश के बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आधुनिक कृषि तकनीकों और संरक्षित खेती को प्रोत्साहित करने पर लगातार काम चल रहा है।
संरक्षित खेती को बढ़ावा, 350 से अधिक पॉलीहाउस तैयार
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश से प्रदेश में 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। इन संरक्षित संरचनाओं के माध्यम से किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं, जिससे उपज और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो रहा है।
पर्वतीय क्षेत्रों में लैवेंडर-डेंडेलियन की खेती पर जोर
कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पीएम-किसान योजना खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में किसानों के लिए मददगार साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि संभावनाओं को विस्तार देने के लिए सुगंधित एवं औषधीय फसलों — विशेष रूप से लैवेंडर और डेंडेलियन — की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। इन फसलों से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का प्रयास है कि स्थानीय जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप ऐसी फसलों को बढ़ावा दिया जाए जिनसे बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
किसान उत्सव दिवस के अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, उत्तराखंड राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौधरी, राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार, दायित्वधारी ज्योति कोटिया, कृषि सचिव डॉ. एसएन पाण्डेय, महानिदेशक कृषि एवं उद्यान डॉ. आनंद श्रीवास्तव सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।




