गंगा पर रोमांच लौट आया, सुरक्षा मानकों के साथ
रिवर राफ्टिंग सीजन का औपचारिक शुभारंभ
गुरुवार से ऋषिकेश में गंगा की लहरों पर रिवर राफ्टिंग का रोमांच फिर से शुरू हुआ। मानसून के बाद बढ़े जलस्तर और सुरक्षा कारणों से बंद रहने के बाद, मौसम अनुकूल होने पर यह गतिविधि फिर से खुली है।
मुख्य राफ्टिंग मार्ग और पर्यटन प्रवाह
कौड़ियाला से शिवपुरी तक का मार्ग ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का प्रमुख क्षेत्र है। हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से बड़ी संख्या में पर्यटक इस क्षेत्र में आते हैं। सीजन के शुरू होने से स्थानीय राफ्टिंग कारोबार, गाइड और संबंधित उद्योगों में रोजगार की गतिविधियाँ तेज होने की उम्मीद है।
लाइसेंस वितरण और सुरक्षा मानक
रिवर राफ्टिंग कंपनियों को लाइसेंस वितरित किए गए। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से शिवपुरी में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने राफ्टिंग गतिविधियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित करने पर जोर दिया।
हालांकि, सीजन के शुभारंभ के पहले दिन पर्यटकों को लेकर कोई राफ्ट गंगा में नहीं उतारी गई। राफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र नेगी के अनुसार, पहले दिन औपचारिक कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं के बाद गुरुवार से पर्यटकों के साथ राफ्टिंग शुरू की गई।
सुरक्षा पर विशेष जोर
इस बार गाइडों के प्रशिक्षण, पंजीकरण और डिजिटल पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने टूरिस्ट गाइड पोर्टल तैयार किया है।
इस पोर्टल पर प्रशिक्षित राफ्टिंग गाइड अपना पंजीकरण कराकर डिजिटल प्रमाणीकरण और पहचान-पत्र प्राप्त कर सकते हैं। अब तक 300 से अधिक रिवर राफ्टिंग गाइड पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं।
विभाग की ओर से चरणबद्ध तरीके से कुल 700 गाइडों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अन्य नदियों में राफ्टिंग का प्रोत्साहन
राफ्टिंग कंपनियों को केवल गंगा ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अन्य नदियों में भी निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार गतिविधियों का संचालन करने को कहा गया।
इनमें गंगा, काली, टौंस, गोरी, कोसी, अलकनंदा, पिंडर, सरयू, रामगंगा, भागीरथी और धौलीगंगा जैसी नदियां शामिल हैं।
प्रमुख सचिव नियोजन मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि राफ्टिंग सीजन का शुभारंभ प्रदेश के साहसिक पर्यटन क्षेत्र में अनुशासन और व्यावसायिकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्रणाली को मजबूत करने से पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि राफ्टिंग लाइसेंस प्रदेश की राफ्टिंग फर्मों के लिए नई शुरुआत हैं। सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के साथ यह पहल युवाओं के लिए आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी।
राफ्टिंग से सिर्फ गाइड ही नहीं, बल्कि वाहन चालक, होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, कैंपिंग और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी रोजगार मिलता है। ऐसे में राफ्टिंग सीजन शुरू होने से ऋषिकेश और आसपास के पर्यटन कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
राफ्टिंग सीजन के लिए पूजा-अर्चना
राफ्टिंग सीजन के शुभारंभ से पहले मुनिकीरेती के खारास्रोत क्षेत्र में राफ्टिंग कंपनियों से जुड़े लोगों ने पूजा-अर्चना की। इस दौरान नए राफ्टिंग सीजन के सकुशल और सुरक्षित संचालन की कामना की गई।
डिजिटल पहचान से गाइडों की पहचान
टूरिस्ट गाइड पोर्टल के जरिए प्रशिक्षित गाइडों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। डिजिटल प्रमाणीकरण और पहचान-पत्र की व्यवस्था से पर्यटकों को यह जानने में सुविधा होगी कि उनके साथ राफ्टिंग कराने वाला गाइड निर्धारित प्रशिक्षण और पंजीकरण प्रक्रिया से गुजर चुका है।
सरकार और पर्यटन विभाग का जोर राफ्टिंग को केवल रोमांच की गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय इसे सुरक्षित, व्यवस्थित और व्यावसायिक साहसिक पर्यटन गतिविधि के रूप में विकसित करने पर है।
रिवर राफ्टिंग से ऋषिकेश का पुनरुत्थान
रिवर राफ्टिंग सीजन शुरू होने के साथ ऋषिकेश एक बार फिर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच भी और तेज होने की उम्मीद है।


