देहरादून: उत्तराखंड के छह शहरों में पेयजल संकट के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है। अमृत 2.0 योजना के तहत 95 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करना है। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम अनुमोदन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी से अनुमति ली जाएगी।
योजना के तहत स्वीकृत नगरों की सूची
शहरी विकास सचिव नितेश कुमार झा की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई विभागीय कमेटी की बैठक में आठ नगरों के पेयजल योजनाओं के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें से छह नगरों को स्वीकृति मिली है:
- स्वर्गाश्रम-जोंक: 12 करोड़ रुपये
- डीडीहाट: 10 करोड़ रुपये
- कपकोट: 18 करोड़ रुपये
- कर्णप्रयाग: 32 करोड़ रुपये
- देवप्रयाग: 14 करोड़ रुपये
- धारचूला: 9 करोड़ रुपये
शेष दो नगरों के लिए निर्णय बाद में लिया जाएगा। इस योजना के लागू होने से शहरी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या में सुधार की उम्मीद है।



