उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक हास्य कलाकार घनानंद उर्फ घन्ना भाई का निधन हो गया। महंत इंद्रेश अस्पताल के प्रबंधन ने उनके निधन की पुष्टि की। घनानंद पिछले चार दिनों से वेंटिलेटर पर थे और कार्डियक अरेस्ट के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली।
घनानंद का जन्म 1953 में पौड़ी जिले के गगोड़ गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कैंट बोर्ड लैंसडाउन से प्राप्त की और 1970 में रामलीलाओं और नाटकों के माध्यम से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। 1974 में वह रेडियो और दूरदर्शन से जुड़े और अपनी हास्य कला से लोगों को गुदगुदाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घनानंद ‘घन्ना भाई’ के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्री चरणों में स्थान दे और शोक संतप्त परिवार एवं समर्थकों को इस कठिन घड़ी में सहनशक्ति प्रदान करें।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घनानंद की सरलता, मृदुता और अद्वितीय अभिनय शैली ने न केवल लोगों को हंसाया बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को एक नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा भी दी। उत्तराखंड के फिल्म जगत और अभिनय क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।



