न्यायमूर्ति तिवारी 9 अक्टूबर 2026 से पदभार संभालेंगे, यह उनकी तीसरी बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति है।
नियुक्ति की घोषणा
केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने मंगलवार को अधिसूचना जारी की, जिसमें न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी को उत्तराखंड हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद हुई।
तीसरी बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
न्यायमूर्ति तिवारी 9 अक्टूबर 2026 से पदभार संभालेंगे, जब वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता 8 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होंगे। यह उनकी तीसरी बार इस पद पर नियुक्ति है; पहले 27 अक्टूबर 2023 से 3 फरवरी 2024 और फिर 11 अक्टूबर 2024 से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे।
पृष्ठभूमि और अनुभव
19 सितंबर 1965 को पिथौरागढ़ में जन्मे तिवारी का परिवार प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार से है। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय, पिथौरागढ़ से शिक्षा ली, फिर गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। 1990 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी प्राप्त कर इलाहाबाद बार काउंसिल में पंजीकरण कराया और उसी वर्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की।
2000 में उत्तराखंड हाईकोर्ट की स्थापना के बाद वे नैनीताल आए और वकालत जारी रखी। 2009 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता बनाया गया और वे नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। 19 मई 2017 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्ति के बाद से वे हाईकोर्ट में कई महत्वपूर्ण न्यायिक जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।
भविष्य की जिम्मेदारियाँ
न्यायमूर्ति तिवारी को अब न्यायिक कार्यों के साथ-साथ हाईकोर्ट के प्रशासनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी भी मिलेगी। यह नियुक्ति उत्तराखंड हाईकोर्ट में नेतृत्व परिवर्तन का नया चरण शुरू करेगी।





