राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की, 25 हजार स्वयंसेवकों के प्रयास से मिली पूर्ण साक्षरता
उत्तराखंड देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बना
उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य को देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य होने का गौरव प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले नव-साक्षरों को सम्मानित किया।
सीएम धामी ने इसे सामूहिक प्रयास बताया
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि शिक्षकों, विद्यार्थियों, नव-साक्षरों, स्वयंसेवकों और अभियान से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का नतीजा है। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल करना प्रदेशवासियों की दृढ़ इच्छाशक्ति और एकता का प्रमाण है।
शिक्षा क्षेत्र में सरकार की योजनाएँ
राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। नंदा गौरा योजना के तहत पात्र छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। प्रदेश के 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है, ताकि दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इसके अलावा, 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय और मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के 100-100 विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएँ विकसित करने का काम भी जारी है।
भविष्य की दिशा: डिजिटल और वित्तीय साक्षरता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण साक्षरता मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। अब सरकार का लक्ष्य डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना, लोगों को स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और जीवन कौशल से जोड़ना है, ताकि हर नागरिक बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाकर चल सके। अगले छह महीनों में राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
25 हजार स्वयंसेवकों का योगदान
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। साक्षरता अभियान को सफल बनाने में लगभग 25 हजार स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।





