मुख्यमंत्री धामी बोले—सरकार और जनता के बीच मजबूत सेतु बनें दायित्वधारी, जनसमस्याओं के समाधान में निभाएं सक्रिय भूमिका
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश के विभिन्न बोर्डों, निगमों और आयोगों में नियुक्त दायित्वधारियों को भी चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाया जाएगा। प्रत्येक दायित्वधारी को एक-एक संगठनात्मक मंडल की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है, ताकि सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सके और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा सके।
रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न दायित्वधारियों के साथ संवाद कर राज्य के विकास, जनकल्याण और जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उन्होंने दायित्वधारियों की भूमिका को सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दायित्वधारियों की जिम्मेदारी केवल अपने पद तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के साथ-साथ जनता की अपेक्षाओं, समस्याओं और सुझावों को भी सरकार तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि जनसंवाद जितना मजबूत होगा, शासन व्यवस्था उतनी ही प्रभावी और जनोन्मुख बनेगी।
उन्होंने सभी दायित्वधारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जनता के बीच रहने, स्थानीय समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों तथा शासन स्तर पर समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता से प्राप्त सुझावों और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास और प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में दायित्वधारियों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। संगठनात्मक मंडलों की जिम्मेदारी मिलने के बाद दायित्वधारी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क, सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार और संगठन को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे चुनावी तैयारियों को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की संभावना है।