मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राहत, पुनर्वास और पुनर्विकास की तेज रफ्तार; ₹33 करोड़ से अधिक के कार्यों और सहायता से बदली भागीरथी घाटी की तस्वीर
देहरादून। एक वर्ष पहले 5 अगस्त को आई भीषण आपदा ने उत्तरकाशी के धराली, हर्षिल और आसपास की भागीरथी घाटी को गहरे जख्म दिए थे। कुछ ही पलों में घर, दुकानें, खेत, बाग-बगीचे और आजीविका के साधन मलबे में दब गए थे। लेकिन एक साल बाद क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जहां कभी तबाही का मंजर था, वहां अब पुनर्निर्माण, विकास और नई उम्मीद दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा के पहले दिन से ही “राहत-बचाव से पुनर्वास और पुनर्वास से पुनर्विकास” की रणनीति पर कार्य शुरू किया। मुख्यमंत्री स्वयं कई बार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे, राहत कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक हर आवश्यक सहायता समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
₹33 करोड़ से अधिक के विकास और सहायता कार्य
पिछले एक वर्ष के दौरान सरकार ने भागीरथी घाटी में ₹16 करोड़ से अधिक के विकास एवं पुनर्वास कार्य कराए। वहीं प्रभावित परिवारों को विभिन्न मदों में ₹17 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस प्रकार कुल ₹33 करोड़ से अधिक की राशि विकास, पुनर्वास और राहत कार्यों पर खर्च की गई।
सिर्फ पुनर्निर्माण नहीं, आजीविका भी हुई बहाल
सरकार ने पुनर्वास को केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका को दोबारा खड़ा करने पर भी विशेष ध्यान दिया। बकरी एवं भेड़ पालन को बढ़ावा देने, बागवानी और कृषि गतिविधियों को पुनर्जीवित करने, किसानों को पौध और फसल सहायता उपलब्ध कराने तथा सिंचाई व्यवस्था बहाल करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए।
इसके साथ ही बिजली और पेयजल आपूर्ति को सामान्य किया गया तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी गई। भविष्य में ऐसी आपदाओं से सुरक्षा के लिए नदी किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य भी कराए गए।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिली नई गति
भागीरथी घाटी की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका को देखते हुए सरकार ने पर्यटन गतिविधियों को दोबारा गति देने के लिए भी विशेष प्रयास किए। इसका लाभ स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और अन्य स्वरोजगार से जुड़े लोगों को मिलना शुरू हुआ है।
मुख्यमंत्री बोले—पहले से अधिक सुरक्षित और सक्षम बनेगी भागीरथी घाटी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धराली की आपदा केवल पुनर्निर्माण की चुनौती नहीं थी, बल्कि प्रभावित परिवारों के भविष्य को फिर से संवारने का दायित्व भी था।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले दिन से प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रही है और भविष्य में भी पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेंगे। सरकार का लक्ष्य भागीरथी घाटी को पहले से अधिक सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाना है।
आज एक वर्ष बाद धराली की कहानी केवल आपदा की नहीं, बल्कि साहस, पुनर्निर्माण और नई उम्मीद की कहानी बन चुकी है।



