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मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ के तीन संपूर्ण संस्करण लॉन्च किए

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘मेरी योजना’ श्रृंखला की तीन पुस्तकों का औपचारिक विमोचन किया। इन पुस्तकों में “मेरी योजना”, “मेरी योजना—राज्य सरकार” और “मेरी योजना—केंद्र सरकार” शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने ‘मेरी योजना पोर्टल उत्तराखंड’ का भी लोकार्पण किया, जिसे आम नागरिकों को सभी सरकारी योजनाओं की पूरी और सरल जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी नीतियों और योजनाओं का असली लाभ तभी मिलता है जब वे बिना किसी बाधा के पात्र लाभार्थियों तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों से लोगों को यह समझने में काफी आसानी होगी कि किस योजना का उद्देश्य क्या है, किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है और आवेदन की प्रक्रिया क्या है। इससे योजनाओं की जानकारी में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग सरकारी सहयोग का लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का विस्तार कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, खेल सुविधाओं, पेयजल और हवाई संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। साथ ही ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

धामी ने बताया कि उत्तराखंड में ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी पहल स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने में मदद कर रही है। वहीं ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों में नई पहचान मिल रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, होम स्टे, सौर स्वरोजगार योजना, नई पर्यटन नीति और नई फिल्म नीति जैसी पहलें स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अपील की कि राज्य में होने वाले कार्यक्रमों में दिए जाने वाले उपहार और स्मृति चिन्ह स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों से ही लिए जाएं। इससे कारीगरों, महिला समूहों और हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी देशभर में आयोजित कार्यक्रमों और उच्च पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान उत्तराखंड के उत्पाद ही भेंट में देते हैं ताकि स्थानीय वस्तुओं को व्यापक पहचान मिले।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, अनेक जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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