देहरादून में आयोजित प्रांतीय रक्षक दल के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीआरडी जवानों को कई बड़ी सौगातें दीं। राजधानी के परेड ग्राउंड में आयोजित रैतिक परेड में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने सलामी ली और पीआरडी जवानों के समर्पण, सेवा और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीआरडी उत्तराखंड की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन और आपदा प्रबंधन में हमेशा पहली पंक्ति में खड़ा रहा है, और इसी योगदान को देखते हुए सरकार उनके हितों के लिए लगातार प्रयासरत है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने पीआरडी के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की घोषणा की, ताकि जवानों को आधुनिक और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान किसी पीआरडी जवान को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है तो उसकी स्थिति को ड्यूटी पर माना जाएगा। ऐसे जवानों को उपचार अवधि में अधिकतम छह माह तक मानदेय जारी किया जाएगा, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पीआरडी जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने की भी घोषणा की। साथ ही दिवंगत जवानों के आश्रितों को आर्थिक सहायता वितरित की। उन्होंने कहा कि पीआरडी जवान निष्ठा के साथ जिस तरह यातायात व्यवस्था को सुचारू करने, सुरक्षा ड्यूटी निभाने और प्रशासन का सहयोग करने में जुटे रहते हैं, वह प्रशंसनीय है और सरकार उनकी हर संभव सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दंगों के दौरान ड्यूटी के समय किसी जवान की मृत्यु होने पर अनुग्रह राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं अति-संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु होने की स्थिति में यह राशि 75 हजार रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार बीते वर्षों में पीआरडी जवानों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई नीतिगत निर्णय ले चुकी है। लगभग दस वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले पीआरडी जवानों को 18 लाख रुपये का एकमुश्त सेवा-भत्ता प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
सीएम धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पीआरडी जवानों ने जिस तत्परता और साहस के साथ कार्य किया है, वह पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है। चारधाम यात्रा के दौरान भी उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश की ओर से पीआरडी जवानों को उनके अमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि आगे भी सरकार उनके उत्थान के लिए कदम उठाती रहेगी।