वीर सैनिकों के सम्मान से लेकर कुंभ की तैयारियों तक, धामी सरकार के बड़े फैसले; ₹62 करोड़ से ज्यादा की मंजूरी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के सम्मान में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परमवीर चक्र से अलंकृत वीर सैनिकों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को ₹1.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे, धार्मिक स्थलों, हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों, सैनिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों की सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की वित्तीय स्वीकृतियों को मंजूरी दी है।

परमवीर चक्र विजेताओं को अब मिलेंगे ₹2 करोड़

मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाने की घोषणा की। अभी तक यह राशि ₹1.50 करोड़ थी, जिसे बढ़ाकर अब ₹2 करोड़ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को वीरभूमि के रूप में जाना जाता है और प्रदेश के सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा में अद्वितीय साहस और बलिदान का परिचय दिया है। सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।

सैनिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई के लिए ₹36.84 लाख

सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के परिजन छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहायता जारी रखने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग, मेडिकल और पीएचडी की शिक्षा ले रहे उत्तराखंड के भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए ₹36.84 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह धनराशि पूर्व की भांति कारगिल शहीद परिवार मुख्यमंत्री सहायता कोष से आवंटित की जाएगी।

इस फैसले से उन सैनिक परिवारों के बच्चों को राहत मिलेगी जो उच्च शिक्षा का खर्च वहन कर रहे हैं।

टपकेश्वर क्षेत्र में 8 एमएलडी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी

देहरादून नगर के टपकेश्वर महादेव, गढ़ी डाकरा कैंट क्षेत्र में 8 एमएलडी क्षमता के सीवर शोधन संयंत्र के निर्माण के लिए भूमि क्रय की लागत के रूप में ₹6.62 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी है।

इस परियोजना से क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरणीय दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

NABARD की 21 योजनाओं के लिए ₹41.37 करोड़

राज्य में ग्रामीण और आधारभूत विकास को गति देने के लिए NABARD वित्त पोषित 21 योजनाओं के लिए कुल ₹41.37 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन भी दिया गया है।

इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कुंभ-2027 की तैयारियों के लिए करोड़ों की मंजूरी

हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले को लेकर भी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने कुंभ मेला क्षेत्र में बल्लियों की बैरिकेडिंग, चक्रव्यूह बैरियर और अस्थायी फायर वॉच टावर आदि के लिए ₹5.46 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन दिया है।

इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 8 अस्थायी रैन बसेरों समेत अन्य कार्यों के लिए ₹6.85 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।

इससे कुंभ के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के मंदिरों के लिए भी धनराशि

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों से जुड़े विकास कार्यों को भी मंजूरी दी है।

द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड द्वाराहाट में ग्राम सभा सकुनी से सुकेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए ₹124.73 लाख की स्वीकृति दी गई है। इसकी पहली किस्त के रूप में ₹74.83 लाख जारी किए जाएंगे।

वहीं अल्मोड़ा विधानसभा क्षेत्र के सेराघाट में मां मंगला भगवती माता मंदिर परिसर में धर्मशाला निर्माण के लिए ₹72.83 लाख की मंजूरी दी गई है। पहली किस्त में ₹43.69 लाख दिए जाएंगे।

पिथौरागढ़ के मूनाकोट विकासखंड की ग्राम पंचायत भौड़ी स्थित बुद्धेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण, दीवार और धर्मशाला निर्माण के लिए भी ₹22 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

किच्छा में अंबेडकर पार्क और तालाब का होगा सौंदर्यीकरण

उधम सिंह नगर जिले के किच्छा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दरऊ में डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क और तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने ₹25 लाख की धनराशि मंजूर की है।

इससे स्थानीय लोगों के लिए सार्वजनिक स्थल को बेहतर बनाने और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।

वाइब्रेंट विलेज में अब थाना दिवस और रात्रि चौपाल

सीमांत क्षेत्रों में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के पांच जिलों के वाइब्रेंट विलेज में थाना दिवस और रात्रि चौपाल जैसे कार्यक्रम संचालित करने का अनुमोदन दिया है।

यह व्यवस्था चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर के संबंधित वाइब्रेंट विलेज में लागू की जाएगी।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही दस्तावेज सत्यापन, चरित्र प्रमाण पत्र, साइबर जागरूकता और पुलिस विभाग से संबंधित अन्य शिकायतों का भी निस्तारण किया जा सकेगा।

वीर सैनिकों से लेकर विकास और कुंभ तक, कई मोर्चों पर फैसले

मुख्यमंत्री की ओर से स्वीकृत इन योजनाओं में सैनिक कल्याण, शिक्षा, सीवरेज व्यवस्था, ग्रामीण विकास, धार्मिक पर्यटन, कुंभ की तैयारियां और सीमांत क्षेत्रों में पुलिस-जन संवाद जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं।

एक ओर परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने का फैसला वीर सैनिकों के सम्मान को दर्शाता है, वहीं सैनिक परिवारों के बच्चों की छात्रवृत्ति, कुंभ की तैयारियों और विभिन्न जिलों में विकास कार्यों के लिए जारी वित्तीय स्वीकृतियां राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखती हैं।

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