करीब 15 हजार करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से जल संरक्षण, सिंचाई और बिजली उत्पादन को मिलेगी रफ्तार
नई दिल्ली/देहरादून: ऊपरी यमुना बेसिन में प्रस्तावित 660 मेगावाट क्षमता की महत्वाकांक्षी किशाऊ बांध परियोजना को लेकर आज यानी मंगलवार (15 सितंबर 2026) को नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में परियोजना से जुड़े देश के छह राज्यों के बीच बहुप्रतीक्षित समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इस ऐतिहासिक करार को अंतिम रूप देने और समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार शाम को ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।
छह राज्यों के बीच होगा ऐतिहासिक करार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस बैठक में छह राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इस महत्वपूर्ण समझौते में उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान शामिल हैं। यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में दोपहर 12 बजे आयोजित किया जाएगा।
परियोजना की लागत और मुख्य विशेषताएं
किशाऊ परियोजना ऊपरी यमुना बेसिन की सबसे बड़ी जल एवं ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- कुल क्षमता: 660 मेगावाट विद्युत उत्पादन।
- अनुमानित लागत: लगभग 15,000 करोड़ रुपये।
- जल भंडारण क्षमता: 1,324 मिलियन घन मीटर।
यह एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य बिजली उत्पादन के साथ-साथ जल संरक्षण, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और भागीदार राज्यों को पेयजल की आपूर्ति प्रदान करना है। इस समझौते के बाद लंबे समय से लंबित इस परियोजना के काम में तेजी आने की उम्मीद है।





