केंद्रीय बजट 2025-26 की प्रमुख बातें: बिंदुवार जानकारी
1. आयकर में राहत:
- नई आयकर व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।
- वेतनभोगी करदाताओं के लिए 12.75 लाख रुपये तक आयकर मुक्त।
- 1 लाख रुपये तक की औसत मासिक आय पर आयकर में छूट।
2. कृषि क्षेत्र में सुधार:
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत 1.7 करोड़ किसानों को लाभ।
- 100 जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष पहल।
- दालों में आत्मनिर्भरता के लिए नया मिशन।
3. एमएसएमई और निवेश:
- एमएसएमई के लिए गारंटी-आधारित ऋण सीमा बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की गई।
- लघु, मध्य और बड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए “मेक इन इंडिया” मिशन को सशक्त किया जाएगा।
4. शिक्षा और तकनीकी विकास:
- सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं की स्थापना।
- 500 करोड़ रुपये के बजट से शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित होंगे।
5. स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार:
- गिग श्रमिकों के लिए पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सुधार।
- स्वास्थ्य देखभाल में पंजीकरण की सुविधा बढ़ाई जाएगी।
6. राजकोषीय घाटा:
- वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटा 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान।
- वित्त वर्ष 2025-26 में इसे घटाकर 4.4 प्रतिशत करने का लक्ष्य।
7. निर्यात और बुनियादी ढांचा:
- निर्यात को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त मिशन की शुरुआत।
- शहरी विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का शहरी चुनौती निधि।
8. नियामक सुधार:
- जन विश्वास विधेयक 2.0 के माध्यम से 100 से ज्यादा कानूनों में सुधार।
- गैर-अपराधीकरण प्रावधानों का पालन किया जाएगा।
9. कर संरचना में सुधार:
- नई कर व्यवस्था में आयकर दरों को तर्कसंगत बनाया गया।
- 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।
10. सरकारी योजनाओं में सुधार:
- सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार।
- निवेश को बढ़ावा देने के लिए नया ढांचा तैयार किया गया।
यह बजट भारत की समग्र वृद्धि, विकास और कल्याण के लिए कई सुधारात्मक कदमों का प्रस्ताव करता है, जिसमें हर क्षेत्र को मजबूत करने की योजना है।

