हरिद्वार: कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगना सहायक कृषि अधिकारी को भारी पड़ गया। शिकायत के सत्यापन के बाद सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान हरिओम यादव पुत्र स्व. लाल सिंह, निवासी प्रतापनगर, नजीबाबाद रोड, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल के रूप में हुई है। वह वर्तमान में सहायक कृषि अधिकारी, विकासखंड खानपुर, जिला हरिद्वार के पद पर तैनात था।
सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के लिए मांगे थे 10 हजार
मामला कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि उसके भाई को कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई।
ट्रैप टीम ने रिश्वत लेते दबोचा
सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने 18 अगस्त को कार्रवाई करते हुए आरोपी सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
रिश्वतखोरी की शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने पहले शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सतर्कता टीम मामले में यह भी जांच कर रही है कि रिश्वत की मांग और इस प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई
उत्तराखंड में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले लगातार सामने आते रहे हैं। सरकारी विभागों में काम कराने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायतों पर सतर्कता अधिष्ठान की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पिछले एक वर्ष के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। ताजा मामला कृषि विभाग से जुड़ा है, जहां सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सहायक कृषि अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है।
सतर्कता अधिष्ठान की इस कार्रवाई से सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी पर रोक लगाने के प्रयासों को बल मिला है। हालांकि, लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।