सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह स्वास्थ्य कारणों से रहीं अनुपस्थित, सीएम धामी और महेंद्र भट्ट ने की समीक्षा
देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में 18 अगस्त को गढ़वाल मंडल की लोकसभा सीटों को लेकर सिलसिलेवार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के उद्देश्य से यह कवायद की जा रही है। इससे पहले पार्टी ने मंडल और जिला अध्यक्षों के साथ बैठकें की थीं, और अब सांसदों व विधायकों के साथ लोकसभा स्तर पर मंथन शुरू हो गया है।
टिहरी लोकसभा बैठक से शुरू हुआ मंथन
गढ़वाल मंडल की बैठकों के पहले चरण में टिहरी लोकसभा क्षेत्र की समीक्षा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने की। बैठक में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल समेत कई विधायक और जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, टिहरी से भाजपा सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह स्वास्थ्य खराब होने के कारण इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। उनकी अनुपस्थिति के बावजूद क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ संगठनात्मक तैयारियों और विकास कार्यों पर चर्चा की गई।
गढ़वाल और हरिद्वार लोकसभा सीटों पर भी चर्चा
भाजपा मुख्यालय में गढ़वाल मंडल की तीनों लोकसभा सीटों के लिए अलग-अलग समय पर बैठकें तय की गई हैं। पहले चरण में टिहरी की बैठक के बाद, दोपहर 2 बजे से गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र और शाम 5 बजे से हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और जिला अध्यक्षों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में मुख्यमंत्री धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और संगठन के महामंत्री विशेष रूप से मौजूद रहे।
सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना मुख्य लक्ष्य
बैठक के उद्देश्यों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा एक ऐसा संगठन है जो सालभर सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं के सुझावों और आगामी लक्ष्यों पर भी विचार किया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि संगठन द्वारा दिए गए लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कार्यकर्ता लगातार मेहनत कर रहे हैं। मंडल और जिला अध्यक्षों के बाद अब विधायकों व सांसदों के साथ संवाद कर चुनावी रणनीति को और मजबूत किया जा रहा है। भाजपा का लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार बनाना है, जिसके लिए संगठन और सरकार के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।