देहरादून। उत्तराखंड में ठंड का प्रकोप लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर जहां पर्वतीय इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर मैदानी जिलों में घने कोहरे और शीत दिवस की स्थिति से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
ऊंची चोटियों पर लगातार दूसरे दिन हिमपात
रविवार 4 जनवरी को प्रदेश के मौसम ने एक बार फिर करवट ली। केदारनाथ सहित चारधाम क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर लगातार दूसरे दिन हल्का हिमपात दर्ज किया गया। पिथौरागढ़ जिले में पंचाचूली, राजरंभा और त्रिशूल पर्वत शृंखलाओं पर भी बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में पाले की स्थिति बनने लगी है, जो सेब, आलू और अन्य नगदी फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। ठंडी हवाओं का असर अब निचले और मैदानी क्षेत्रों तक भी स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है।
मैदानों में घना कोहरा, यातायात और उड़ानें प्रभावित
शनिवार को देहरादून सहित मैदानी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा और धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। दिन में कुछ समय के लिए धूप निकलने से राहत जरूर मिली, लेकिन शाम ढलते ही फिर ठंड का असर बढ़ गया। घने कोहरे के कारण हवाई सेवाएं भी प्रभावित रहीं। विभिन्न शहरों से देहरादून आने वाली करीब 10 उड़ानें आधे घंटे से लेकर चार घंटे तक देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
6 जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने रविवार को राज्य के सभी जनपदों में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना जताई है, लेकिन ठंड से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। विभाग ने हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में शीत दिवस (Cold Day) की स्थिति बनने की भी चेतावनी दी गई है।
सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से सुबह और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने और ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने की अपील की है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को पाले से फसलों की सुरक्षा के लिए सिंचाई, धुआं करने और अन्य एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।