राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में तीसरे दिन भी जारी रहा धरना, आपातकालीन सेवाएं सामान्य
देहरादून: उत्तराखंड के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में एमबीबीएस और पीजी इंटर्न छात्रों का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच, आंदोलनरत डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर शासन स्तर पर सकारात्मक हलचल तेज हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आंदोलन कर रहे छात्रों को जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया है।
शासन स्तर पर प्रक्रिया जारी: चिकित्सा शिक्षा निदेशक
आंदोलनरत चिकित्सकों के साथ बातचीत के दौरान चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉक्टर आशुतोष सयाना ने कहा कि डॉक्टरों की मांगों को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सरकार इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उत्तराखंड में इंटर्न और पीजी डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड अन्य राज्यों के समान या उससे बेहतर किया जा सके।
डॉ. सयाना ने बताया कि इस विषय पर प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने डॉक्टरों से शासन की इस प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील की है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं सुचारू
राहत की बात यह है कि आंदोलन के दौरान भी मरीजों की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। इंटर्न और पीजी डॉक्टरों ने आपातकालीन सेवाओं को बंद नहीं किया है। अस्पताल में आईसीयू (ICU) और ओटी (OT) सेवाएं सामान्य दिनों की तरह ही चल रही हैं।
इसके अलावा, ओपीडी और आईपीडी में वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को निरंतर सेवाएं दी जा रही हैं। चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ डॉक्टरों के हड़ताल पर होने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं, आंदोलन में केवल इंटर्न और पीजी डॉक्टर ही शामिल हैं। अधिकारियों को विश्वास है कि शासन से सकारात्मक फैसला आते ही सभी डॉक्टर काम पर लौट आएंगे।

