अतिक्रमण मामले की सुनवाई आगे बढ़ी, सुरक्षा के मद्देनजर बनभूलपुरा को 2 सुपर जोन और 4 जोन में बांटा गया
हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई है। याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अदालत ने इस मामले की सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है। मामले की अगली सुनवाई किस तारीख को होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी शाम तक मिल पाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त, ड्रोन से रखी जा रही नजर
सुनवाई टलने के बावजूद प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पूरे बनभूलपुरा क्षेत्र को दो सुपर जोन और चार जोन में विभाजित किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों और गलियों पर पैनी नजर रखने के लिए ड्रोन की दो विशेष टीमों को काम पर लगाया गया है। ड्रोन के जरिए घरों की छतों और अन्य स्थानों की निगरानी की जा रही है।
भारी पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती
बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है:
- 2 एसपी और 5 सीओ
- 15 इंस्पेक्टर व एसओ
- 10 चौकी प्रभारी
- 45 पुरुष दरोगा और 10 महिला दरोगा
- 182 हेड कांस्टेबल व सिपाही
- 47 महिला पुलिस कर्मी
- पीएसी की 2 कंपनियां
इसके अतिरिक्त, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग की चार यूनिट, यातायात पुलिस की 4 टीमें, बम निरोधक दस्ता, हॉक पुलिस, आंसू गैस (टियर गैस), एंटी-रायट और फायरिंग स्क्वाड को भी मुस्तैद रखा गया है।
उपद्रवियों और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी ने भी घरों की छतों पर पत्थर, ईंट, रोड़ी, मलबा या किसी भी प्रकार के हथियार जमा किए, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर है। किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ संदेश या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वीवीआईपी ड्यूटी से अलग रहेगी बनभूलपुरा की सुरक्षा
बुधवार को शहर में भाजपा कार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, कई पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी नेता शामिल हो रहे हैं। पुलिस ने वीवीआईपी सुरक्षा और बनभूलपुरा की सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। बनभूलपुरा में तैनात पुलिस कर्मियों को किसी भी हाल में वीवीआईपी ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा, वे केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था ही संभालेंगे।

