देहरादून: स्वतंत्रता दिवस से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रध्वज के सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ अपने घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराएं और इस जनभागीदारी अभियान को सफल बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और गौरव की भावना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की अस्मिता, स्वाभिमान, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रध्वज के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
जन-जन का अभियान बन चुका है ‘हर घर तिरंगा’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब जन-जन का अभियान बन चुका है। यह अभियान देश के प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने का माध्यम बन रहा है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्साहपूर्वक अभियान में शामिल होने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा हर भारतीय के भीतर देश के प्रति सम्मान, गौरव और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।
उत्तराखंड की वीरभूमि की परंपरा का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश की रक्षा और सेवा में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रदेश के अनेक वीर जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में उत्तराखंड का प्रत्येक परिवार ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रभक्ति की इस गौरवशाली परंपरा को और मजबूत करे।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि अभियान को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम के रूप में न लेते हुए इसे राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी और सम्मान व्यक्त करने के अवसर के रूप में मनाएं।
14 अगस्त को मनाया जाएगा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के साथ प्रदेशभर में 14 अगस्त 2026 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस-2026 भी मनाया जाएगा। भारत विभाजन की दुखद स्मृतियों और उससे जुड़ी वास्तविकताओं के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से राज्य और जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य नई पीढ़ी को वर्ष 1947 में भारत विभाजन की त्रासदी और उससे प्रभावित लोगों के संघर्ष एवं बलिदान से अवगत कराना है। साथ ही विभाजन पीड़ितों की स्मृतियों को सम्मानपूर्वक संजोकर रखने का भी प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान विभाजन से प्रभावित लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान को श्रद्धांजलि दी जाएगी और नई पीढ़ी को उस दौर की परिस्थितियों से परिचित कराया जाएगा।
देहरादून में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम
सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में देहरादून जिले में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और योगदान पर तैयार किए गए लघु वृत्तचित्र की आधिकारिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा भारत विभाजन की विभीषिका से संबंधित एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
इस प्रदर्शनी के माध्यम से विभाजन के दौरान प्रभावित परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और उस दौर की परिस्थितियों को लोगों के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।
सभी जिलों में दिखाई जाएगी डिजिटल प्रदर्शनी
राज्य के सभी जिलों में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से तैयार की गई डिजिटल प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया जाएगा। यह डिजिटल प्रदर्शनी विभाजन से प्रभावित परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को दर्शाती है।
इसके लिए भारत सरकार के पोर्टल से डिजिटल प्रदर्शनी को डाउनलोड कर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं को भारत विभाजन के इतिहास और उससे जुड़ी घटनाओं से परिचित कराना है।
स्कूल-कॉलेजों में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इनमें वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण, क्विज प्रतियोगिता, व्याख्यान और परिचर्चा जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को भारत विभाजन की त्रासदी, उससे प्रभावित लोगों के संघर्ष और बलिदान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
सरकार का प्रयास है कि इतिहास की इन घटनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए और विभाजन पीड़ितों के संघर्ष एवं बलिदान को सम्मान के साथ याद किया जाए।
राष्ट्रध्वज के सम्मान के साथ मनाएं स्वतंत्रता दिवस
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करें।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से प्रदेश में स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और इतिहास के प्रति जागरूकता का संदेश देने की तैयारी है। सरकार का जोर है कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक नागरिक में देश के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करे।