उत्तराखंड में तबादलों की अंतिम तिथि 10 जून से बढ़ाकर 30 जून की गई।
देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी विभागों में तबादलों का इंतजार कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने स्थानांतरण सत्र 2026-27 की समय सीमा बढ़ाते हुए विभागों को बड़ी राहत दी है। अब अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 10 जून के बजाय 30 जून 2026 तक किए जा सकेंगे।
शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय विभागों से प्राप्त सुझावों और स्थानांतरण प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे उन विभागों को अतिरिक्त समय मिलेगा जो निर्धारित अवधि के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे।
अपर सचिव ने जारी किया आदेश
कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-2 द्वारा जारी शासनादेश में बताया गया है कि Uttarakhand Annual Transfer Act 2017 के तहत संचालित स्थानांतरण सत्र 2026-27 की समय-सारिणी में संशोधन किया गया है। यह आदेश अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत द्वारा जारी किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी करने की अंतिम तिथि अब 30 जून 2026 होगी। साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ी अन्य सभी समय-सीमाओं में भी 20 दिनों का विस्तार किया गया है।
क्यों बढ़ानी पड़ी समय सीमा?
दरअसल, राज्य के कई विभाग तय समय के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं—
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रिक्त पदों की स्थिति का आकलन
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कार्मिकों के डाटा का संकलन
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प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाएं
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संवेदनशील पदों पर तैनाती से जुड़े मामले
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विभागीय स्तर पर प्रस्तावों के लंबित रहने की स्थिति
इन कारणों से कई विभागों ने शासन से समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था।
विभागों को मिलेगा बेहतर तैयारी का अवसर
सरकार के इस फैसले से विभागों को स्थानांतरण प्रस्तावों की समीक्षा और अंतिम सूची तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। इससे जल्दबाजी में लिए जाने वाले निर्णयों से बचा जा सकेगा और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तथा पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
क्या है स्थानांतरण अधिनियम का उद्देश्य?
उत्तराखंड में हर वर्ष Uttarakhand Annual Transfer Act 2017 के तहत निर्धारित समय में तबादलों की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य—
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प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना
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दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मानव संसाधन उपलब्ध कराना
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लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों का स्थानांतरण
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विभागीय कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाना
है।
सभी विभागों को दिए गए निर्देश
शासन ने संशोधित समय-सारिणी के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को जारी कर दिए हैं। आदेश की प्रतियां मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को भी भेजी गई हैं।
कर्मचारी संगठनों की नजर
समय सीमा बढ़ने के बाद अब कर्मचारी संगठनों की नजर इस बात पर रहेगी कि विस्तारित अवधि में तबादला प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप पूरी की जाती है। कई विभागों में कर्मचारियों को अब जून के अंतिम सप्ताह तक स्थानांतरण आदेश जारी होने की उम्मीद है।