आयोग की सिफारिशों पर आधारित आरक्षण सूची जारी, आपत्तियों की अंतिम तिथि 4 अगस्त
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के लिए पंचायती राज विभाग ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को पहली बार औपचारिक रूप से आरक्षण देने की व्यवस्था लागू कर दी है। यह आरक्षण हाल ही में गठित एकल सदस्यीय आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया है, जिसमें ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक सभी पदों के लिए वर्गानुसार आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
आयोग की सिफारिशों पर कार्रवाई
पंचायती राज सचिव चंद्रेश कुमार द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि ओबीसी आबादी के अनुपात के अनुसार आरक्षण तय किया गया है। वर्ष 2025 में उधमसिंह नगर जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित की गई है, जबकि 2019 में यह आरक्षण पिथौरागढ़ में ओबीसी महिला के लिए था।
आपत्तियों की प्रक्रिया और समयसीमा
- आपत्ति दर्ज कराने की अवधि: 2 से 4 अगस्त
- आपत्ति भेजने का पता: सचिव, पंचायती राज विभाग, कक्ष संख्या 19, सोबन सिंह जीना भवन, सचिवालय परिसर, देहरादून
- निस्तारण की तिथि: 5 अगस्त
- अंतिम आरक्षण सूची प्रकाशन: 6 अगस्त
महिला प्रतिनिधित्व में मामूली गिरावट
2025 के आरक्षण में महिला जिला पंचायत अध्यक्षों की संख्या में एक की कमी आई है, लेकिन अब भी महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है।
2019 बनाम 2025 आरक्षण तालिका (जिला पंचायत अध्यक्ष स्तर)
| जिला | 2019 आरक्षण | 2025 प्रस्तावित आरक्षण |
|---|---|---|
| उत्तरकाशी | अनारक्षित | अनारक्षित |
| टिहरी | अनारक्षित | महिला |
| पौड़ी | अनुसूचित जाति | महिला |
| रुद्रप्रयाग | अनुसूचित जाति | महिला |
| चमोली | अनारक्षित | अनारक्षित |
| देहरादून | अनुसूचित जनजाति | महिला |
| उधमसिंह नगर | अन्य महिला | पिछड़ा वर्ग |
| नैनीताल | अन्य महिला | पिछड़ा वर्ग |
| अल्मोड़ा | अनारक्षित | महिला |
| चंपावत | अन्य महिला | अनारक्षित |
| बागेश्वर | अन्य महिला | अनुसूचित जाति महिला |
| पिथौरागढ़ | पिछड़ा वर्ग महिला | अनुसूचित जाति |
विश्लेषण:
यह बदलाव राज्य के सामाजिक ढांचे में सामाजिक न्याय और समावेशिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से ओबीसी वर्ग पंचायत राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा था, जिसे अब वास्तविकता में परिवर्तित किया जा रहा है। यह निर्णय उत्तराखंड में ग्राम लोकतंत्र को और अधिक संतुलित और समावेशी बनाएगा।



